रविवार, 5 अप्रैल 2020

झोंका

मेरा क्या है ...?

चिमटी से तार पर भी टांग कर रख देती हूँ ....उदासी  
कभी जूड़े में भी खोंस लेती हूँ।

एक झोंका तू आ तो सही ....

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