गुरुवार, 26 सितंबर 2019

लिपि

दुःख ....
छोटी लिपि का अत्यंत बड़ा शब्द

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कनेर

"कनेर"  तुम मुझे इसलिए भी पसंद हो कि तुम गुलाब नहीं हो.... तुम्हारे पास वो अटकी हुई गुलमोहर की टूटी पंखुड़ी मैं हूँ... तुम्हें दूर ...