शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

टुकड़े ....

"मैं " हम के छोटे छोटे नुकीले हुए टुकड़े हैं  ।

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सादगी

सादी सी बात सादगी से कहो न यार ....   जाने क्या क्या मिला रहे ..... फूल पत्ते   मौसम बहार सूरज चाँद रेत समंदर दिल दिमाग स...