शनिवार, 14 अप्रैल 2018

करामाती सिक्का

अपने अंदर शोर थामे रखना भी एक हुनर है ।सबको ये करामाती सिक्का नहीं मिलता ।कोशिश कर के देखो किसी रोज़ .... शब्दों के समंदर में गोते लगाना ......सबको भिगाना पर अपने दामन में एक बूंद ना रिसने देना । अंतस के जलते शोर को शब्दों की नमी से आराम तो देना पर बुझने न देना।
आसान नही है लिखना ।बिना राख हुए जलते रहना वो भी कागज़ पर ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लिपि

दुःख .... छोटी लिपि का अत्यंत बड़ा शब्द