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शनिवार, 14 अप्रैल 2018

सुन सको अपना कहा।

"इस तरह गले लग कर क्या होगा ...ज्यादा से ज्यादा शब्द गल जाएंगे और तुम फिर कुछ बोलोगी नहीं
बस रो दोगी "... मैं कह नहीं रही थी पर आईना सुन रहा था।

आईने ने आज फिर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मैं एक बार फिर उसे दूर जाते हुए महसूस कर पा रही थी ।

खुद से बातें करना भी सुकून है।
अगर सुन सको अपना कहा।

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