शनिवार, 23 नवंबर 2019

सादगी



सादी सी बात सादगी से कहो न यार .... 
जाने क्या क्या मिला रहे .....
फूल पत्ते 
मौसम बहार
सूरज चाँद
रेत समंदर
दिल दिमाग
सूरत को तेरी सीरत चाहिए ।
बस इतना ही तो कहना है । क्या बातों के छल्ले फेंकना?
लो कह दिया ....
मिला क्या ?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सादगी

सादी सी बात सादगी से कहो न यार ....   जाने क्या क्या मिला रहे ..... फूल पत्ते   मौसम बहार सूरज चाँद रेत समंदर दिल दिमाग स...