शनिवार, 14 अप्रैल 2018

तस्वीर

सुनो ये तस्वीर तुम्हारी है ......
देखोगे तो हजारों मायने निकलेंगे इस तस्वीर के
बस तुम मेरा स्पर्श सुन लेना
आओ...
अब जबकि कुछ बचा ही नहीं टूटने के लिए....
हम इक दूसरे को संजोना शुरू करें ...
ज़र्रा ज़र्रा ...
जरा जरा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अद्धभुत हूँ मैं

खूबसूरत नहीं हूँ... मैं    हाँ ....अद्धभुत जरूर हूँ   ये सच है कि नैन नक्श के खांचे में कुछ कम रह जाती हूँ हर बार   और जानबूझ करआंकड़े टा...