शनिवार, 14 अप्रैल 2018

औरत हूँ...

दिन में से अगर दिन बच गया तो "रात".....
रात में से गर रात बाकी रह गयी तो "दिन " हो जाऊंगी ।
औरत हूँ...
जिस्म से जहान होने में वक़्त ही कहाँ लगता है मुझे?

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हमेशा....

तुमने हर बार मुझे कम दिया और मैंने हर बार उससे भी कम तुमसे लिया। ना तुम कभी ख़ाली हुए .... ना मैं कभी पूरी हुई। हम यूँ ही बने रहें....हमेश...