शनिवार, 21 अप्रैल 2018

ज़िन्दगी फ़िदा है

रात की सुइयों को टिक- टिक करते हुए विदा देना और रोज़ नई सुबह कलाई में बांध लेना।
ज़िन्दगी फ़िदा है ...मुझपर

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