मंगलवार, 17 अप्रैल 2018

स्पर्श .....

स्पर्श .....
एक सुकून कि तुम मेरी परिधि के भीतर हो...सिर्फ़ मेरे लिए।

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"कि क्या तुम मेरे प्रेम में हो?"

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