शनिवार, 14 अप्रैल 2018

अशेष ......सिर्फ प्रेम

"टूटना" प्रेम की सबसे विशेष क्रिया है
"शेष" और "अवशेष" उससे हो जाने वाली संज्ञा
यानी .....
"मैं "
और "तुम"
या
"तुम"
और "मैं"
अशेष ......सिर्फ प्रेम

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

"कि क्या तुम मेरे प्रेम में हो?"

नदी समुंदर में गिरने से पहले पूछती है? तितली फूल को चूमने से पहले पूछती है? चिड़िया दरख़्त पर बसने से पहले पूछती है? मुस्कान चेहरे पर आने से प...