गुरुवार, 26 अक्तूबर 2017

उदासी

उदासी में ना रंगत है ना ज़ायका ...
फिर भी सब को डुबाये रखती है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बिम्ब

एक शब्द लिखकर सैंकड़ों बिम्ब देखोगे? लिखो.... "प्रेम" मैं चुप थी पर चुप्पी कभी नहीं थी मेरे पास अब बस चुटकी सा दिन बचा है । अप...