गुरुवार, 22 जून 2017

संवाद...

मैं तुम में संवाद ढूंढ रही......

कहानियां पलट के जवाब नहीं देती । जब भी कभी याद बन आये..... मैं इंतज़ार सीख गई हूं।

मन्नत...

ज़िद्द नहीं हो....
 मन्नत हो

ज़िन्दगी...

आप शब्द दें...
वो ज़िन्दगी देगी।

डर....

जितना जुड़ोगे .....उतना टूटोगे
खो देने का डर जुड़ने नहीं देगा..... जकड़ देगा
इश्क़ ...तुम्हें दीपक सा बहा दिया आज
जलते रहो आस पास ।

शुभ रात

सच कहूँ ... तुम्हारे पास मेरे सुकून का बक्सा है। उसमें तुम्हारा कुछ भी नहीं ... बस  कल्पना का सामान भरा हुआ है।कुछ तस्वीरें ,कुछ फिक्र,कुछ प...