बुधवार, 30 नवंबर 2016

वजह

मेरे ख़ास होने की महज़ इतनी सी वजह काफी है .....
कि तुम आज भी मुझे ......
इन शब्दों में खोजते हो .... यादों में नहीं .......
जो वक़्त की गिरफ्त में हुआ करती हैं
और मैं तो .....बेमौसम...... बेवक्त 
तब भी हुआ करती थी और..... आज भी हूँ

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हमेशा....

तुमने हर बार मुझे कम दिया और मैंने हर बार उससे भी कम तुमसे लिया। ना तुम कभी ख़ाली हुए .... ना मैं कभी पूरी हुई। हम यूँ ही बने रहें....हमेश...