बुधवार, 31 अगस्त 2016

खूबसूरत.....

कौन कहता है ...तुम "खूबसूरत" हो ?

ये तो "शब्द" हैं मेरे .....
जो तुम पर खूब फबते हैं
छूते हैं तुमको ....
और खूब हँसते हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

कनेर

"कनेर"  तुम मुझे इसलिए भी पसंद हो कि तुम गुलाब नहीं हो.... तुम्हारे पास वो अटकी हुई गुलमोहर की टूटी पंखुड़ी मैं हूँ... तुम्हें दूर ...