सोमवार, 30 मई 2016

खामोश लम्हे .....

कुछ खामोश लम्हे .....
मैंने अपने पहलु में
सी लिए हैं  
डरती हूँ ....
उड़ न जाए
ये खामोश लम्हे .....
कहीं
दिख न जाएँ
ये खामोश लम्हे .....
मुझसे तो
कुछ कहते नहीं
क्या पता
तुमसे ही
सब कह जाए
ये खामोश लम्हे ......

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