शनिवार, 19 मार्च 2016

धुंध.....

कुछ " धुंध" .....तुम्हारे नाम सी
सर्द मौसम में ही नहीं .....
चिलचिलाती धूप में भी .....
मुझे ओढ़े रहती है 
सच ही तो है .....
कुछ मौसम ....कभी नहीं बदलते
कुछ एहसास ...कभी नहीं अखरते 

© कल्पना पाण्डेय

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