गुरुवार, 25 फ़रवरी 2016

खूबियां...और खामियां....

ठीक तुम्हारे पीछे ....
  मैं खड़ी हूँ......
  खूबियों ...और
  खामियों .....
  की फेहरिश्त सी

  अबकी  .....
  नज़र ....और
   नज़रिये ....
   का चश्मा बदलते रहना ....
   सिर्फ ....
    दूर ....और
    पास ....का  नहीं ....
    उस ग्लास .... और
    इस फ्रेम का नहीं

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