शनिवार, 6 फ़रवरी 2016

दोस्ती.....

दोस्तों का कारवां
बढ़ता रहे
नया हो या पुराना
हर दोस्त सलामत रहे
दूर हो या पास
संदेसा मेरा पहुँचता रहे
सारी कायनात में सिर्फ
हम आपस में मिले
उस पल को
हमारी दोस्ती का सलाम रहे

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मिलन......

भीग जाने के लिए मेरे पास पहाड़ बहुत थे ..... फिर तुम्हारी रेतीली आंखों से मिलना हुआ...