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शनिवार, 13 फ़रवरी 2016

ज़िन्दगी....

उसके जाने की खबर से , थम गयी ज़िन्दगी   पहले ज़ार ज़ार रोई , फिर जम गयी ज़िन्दगी  

मुहब्बत ही लुटाते रहे हम , उम्र भर
मलाल रहा , उसको कम गयी ज़िन्दगी   

दो दिन ख़ुशी के , दो ही गम के  
फिर ज़िन्दगी में रम गयी ज़िन्दगी  

दिन के उजाले में , जी भर मुस्कुराई  
चाँद के आगोश में , फिर नम गयी ज़िन्द

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