शनिवार, 13 फ़रवरी 2016

अदा.....

बड़ी ख़ुशी की राह तकते .....
इक हंसी को खो देना 
 और 
जब हंसी हथेली में धर दूं .....,
 फफक के रो देना  
" ज़िन्दगी "
तेरी इस अदा पे 
दिल वार दूं 
आज कुछ लम्हे 
तेरी जुल्फों से तोड़ूँ
कागज़ पे उतार दूं 

कल्पना पाण्डेय 

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