रविवार, 14 फ़रवरी 2016

तलाश .....

तलाश .....
सिर्फ , सुकून की होती 
 नाम ......
रिश्ते को , मिले , ना मिले  
पहचान......
रूह को , रूह देगी
आश्ना ......
दिल को , मिले , ना मिले   

5 टिप्‍पणियां:

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"कनेर"  तुम मुझे इसलिए भी पसंद हो कि तुम गुलाब नहीं हो.... तुम्हारे पास वो अटकी हुई गुलमोहर की टूटी पंखुड़ी मैं हूँ... तुम्हें दूर ...