मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

रोज़ की ज़िन्दगी ......राज़ की ज़िन्दगी

हाई हील्स सैंडल्स में  .....संभल संभल कर चलती हो तो.... "राज़"वाली लगती हो .......  ज़िन्दगी
सपाट सरपट संग संग दौड़ती हो तो .....
"रोज़" वाली लगती हो ज़िन्दगी  

रोज़ की ज़िन्दगी ......राज़ की ज़िन्दगी
संग ......ज़िन्दगी
संभल..... ज़िन्दगी

http://mukharkalpana.blogspot.com/

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बिम्ब

एक शब्द लिखकर सैंकड़ों बिम्ब देखोगे? लिखो.... "प्रेम" मैं चुप थी पर चुप्पी कभी नहीं थी मेरे पास अब बस चुटकी सा दिन बचा है । अप...