शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

ख्वाब.....

प्यास की क़ैद से, "आब" निकाल लाये हैं 
     मायूस हो रहा दिल ,ख्वाब निकाल लाये हैं 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

हमेशा....

तुमने हर बार मुझे कम दिया और मैंने हर बार उससे भी कम तुमसे लिया। ना तुम कभी ख़ाली हुए .... ना मैं कभी पूरी हुई। हम यूँ ही बने रहें....हमेश...