शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

कैलेन्डर.....

 बीते साल का कैलेन्डर ......
 365 दिनों का हिसाब बता रहा 
 और .....मैं उसे 
" 365 नए ख़्वाब "......थमा रही  
 हिसाब लम्बा चलेगा ......हमारा  
 रहने दो .......लेना देना 
 वैसे भी  ......
 क्या मेरा .....क्या रह जाएगा तुम्हारा ?
 कैलेन्डर  पलटो ....
 पहला ख्वाब बुला रहा 

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